जमीन से जुड़े कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर सुनी फरियाद


जमीन से जुड़े कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर सुनी फरियाद
लोंगों मे दिख रहा भरोषा व विश्वास
संजय सिंह मझौली
जिले के बहुचर्चित नवागत जिला कलेक्टर विकास मिश्रा की कार्यशैली ने आम लोगों में भरोसा पैदा कर दिया है कि शिविर में जाने से उनके समस्या का समाधान होगा जो जमीन में बैठकर लोगों के आवेदनों को गंभीरता से पढ़ समझ कर निदान के लिए मौके पर ही संबंधितों को निर्देशित किया जाता है। या यू कहा जाए की जमीन से जुड़ा कलेक्टर जमीन में बैठकर लोगों की फरियाद को जमीनी स्तर पर निदान करने की दृढ़ इच्छा शक्ति प्रभावित व पीड़ित लोगों के लिए बरदान साबित हो सकती है।
शिविर में दिखा कुछ ऐसा नजारा ग्रामीण दिखे खुश, कर्मचारियों में दहशत
कलेक्टर के कार्य शैली का नजारा ग्राम पंचायत बोदारी टोला में 4 अप्रैल को आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में दिखा जहां ग्रामीणों के आवेदनों को कड़ी धूप में जमीन में ही उनके साथ बैठकर प्रत्येक आवेदन को निराकरण के लिए संबंधित विभाग को दिया गया एवं आवेदकों को यह भरोसा दिलाया गया कि अगर एक माह के अंदर उनके आवेदन पर निराकरण नहीं होता है तो वह खुद निराकरण करेंगे।
दिव्यांग बच्चों को लेकर पहुंचा पिता को कलेक्टर ने दिया आश्वासन कार्यवाही शुरू
ग्राम ताला निवासी एक व्यक्ति अपने 12 वर्षीय दिव्यांग बेटे को गोद में उठाकर कलेक्टर के पास पहुंचा एवं बताया कि 8 माह से उसका निराश्रित पेंशन एवं खाद्यान्न बंद है जिस पर कलेक्टर ने उसे आश्वासन दिया कि तुम्हारे समस्या का जल्द ही निदान हो जाएगा। कलेक्टर के आश्वासन पर पीड़ित पिता रोने लगा वहीं कलेक्टर ने सीईओ को आदेशित किया है कि अपने वाहन से आधार केंद्र भेज कर इसका तत्काल आधार कार्ड में सुधार कराया जाए ताकि इसे योजना का लाभ मिले।
इसी तरह ही समस्या से निजात दिलाने के लिए कड़े निर्देश दिए गए जिसे लोगों में भरोसा जगा कि उनके समस्या का निदान होगा वहीं कलेक्टर की कार्यशैली से जहां आम नागरिक खुश नजर आया और उनमें भरोसा जगा वहीं प्रशासन तंत्र में कार्यरत कर्मचारियों एवं अधिकारियों में दहशत का माहौल देखा गया।
