तार चोरी हुई अप्रैल में, सिस्टम जागा फरवरी में ,11 केवी लाइन पर नींद में रहा तंत्र

तार चोरी हुई अप्रैल में, सिस्टम जागा फरवरी में ,11 केवी लाइन पर नींद में रहा तंत्र

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

जिले के थाना इंदवार क्षेत्र में बिजली की 11 केवी तीन फेस तार चोरी का मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की सुस्ती की कहानी बन गया है। घटना 22 अप्रैल 2025 की बताई जा रही है, लेकिन मामला दर्ज हुआ 21 फरवरी 2026 को। यानी करीब दस महीने बाद सिस्टम की नींद खुली।

घटना पनपथा फीडर कसेरू रोड के पास, पनपथा थाना इंदवार क्षेत्र की है। कंपनी द्वारा लगाए गए बिजली के खंभों से 11 केवी की तारें गायब हो गईं। यह कोई छोटी-मोटी तार नहीं थी, बल्कि ऐसी लाइन थी जो क्षेत्र की बिजली आपूर्ति से जुड़ी है। सवाल यह है कि इतनी अहम लाइन से तारें चोरी हो जाएं और महीनों तक मामला दर्ज ही न हो, तो जिम्मेदारी किसकी मानी जाए?

कनिष्ठ अभियंता आर.के. जायसवाल का कहना है कि विभाग ने घटना की सूचना तत्काल थाना इंदवार को दे दी थी। यदि यह दावा सही है, तो फिर एफआईआर दर्ज करने में दस महीने क्यों लग गए? क्या सूचना फाइलों में दब गई? या फिर सरकारी तंत्र के पहिए इतने धीमे हैं कि चोरी की तारें भी इंतजार करती रहीं?

आखिरकार 21 फरवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज हुआ। आरोपी अज्ञात हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब शुरुआत में ही कार्रवाई नहीं हुई, तो क्या अब इतने लंबे अंतराल के बाद ठोस साक्ष्य मिल पाएंगे? क्या आरोपी तक पहुंचना संभव होगा?

थाना प्रभारी विजय पटेल का कहना है कि जांच के बाद मामला कायम किया गया है। लेकिन स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जांच शुरू ही कब हुई? अगर अप्रैल 2025 में सूचना दी गई थी, तो क्या जांच भी उसी समय से चल रही थी, या फिर कागजी प्रक्रिया का इंतजार होता रहा?

यह मामला सिर्फ तार चोरी का नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की जवाबदेही का है। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है? विभाग सूचना देता है, पुलिस जांच की बात करती है, और महीनों तक मामला दर्ज नहीं होता। इस बीच नुकसान जनता का होता है।

अब देखना यह है कि दस महीने बाद दर्ज इस प्रकरण में कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है। क्या यह मामला भी फाइलों में घूमता रहेगा, या फिर सच में जिम्मेदारों तक बात पहुंचेगी? फिलहाल इतना तय है कि इस घटना ने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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