नेत्रहीन मां को नहीं मिली मदद, न्याय के लिए भटक रही,शिवसेना ने सौंपा मांग पत्र


नेत्रहीन मां को नहीं मिली मदद, न्याय के लिए भटक रही,शिवसेना ने सौंपा मांग पत्र
सांसद से आश्वासन के बावजूद नहीं मिली सहायता, कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
एमपी के सीधी जिले में एक जन्मजात नेत्रहीन और बेहद गरीब मां को अपने बेटे के साथ हुई अमानवीय घटना के बाद भी अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल पाई है। इस मामले को लेकर शिवसेना ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
वही शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे के अनुसार, थाना बाहरी क्षेत्र के ग्राम नकझर निवासी युवक सुधीर पांडे के साथ करीब दो महीने पहले कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अमानवीय कृत्य किया गया था। इस घटना में युवक के साथ मारपीट कर उसे पैर छूने और अपमानजनक व्यवहार करने के लिए मजबूर किया गया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
इस घटना के बाद स्थानीय सांसद राजेश मिश्रा द्वारा पीड़ित परिवार को सहायता का आश्वासन दिया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने युवक को मुंबई से बुलाकर नौकरी दिलाने और करीब डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही थी।
साथ ही लेकिन पीड़ित मां का आरोप है कि पिछले दो महीनों में 6 से 7 बार सांसद कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिली। उनका कहना है कि अब उन्हें सीधे तौर पर मदद देने से मना कर दिया गया।
जहा शिवसेना के नगर उपाध्यक्ष विनय त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित मां की तबीयत भी लगातार खराब बनी हुई है। नेत्रहीन होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अत्यंत दयनीय है और वे एक कमरे में जीवन यापन कर रहे हैं।
वही इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिवसेना ने जिला कलेक्टर को सहायता के लिए मांग पत्र सौंपा है। फिलहाल कलेक्टर के दौरे पर होने के कारण पत्र कार्यालय में जमा कर दिया गया है। पार्टी का कहना है कि आगामी जनसुनवाई में पीड़ित मां को स्वयं उपस्थित कराकर हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
