पहली बार जिला अस्पताल पहुंचे सीधी कलेक्टर,मरीजो से की मुलाकात


नवागत कलेक्टर का एक्शन, स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने का प्रयास
सीधी में पदस्थ होते ही नवागत कलेक्टर विकास मिश्रा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के महज दो दिनों के भीतर उन्होंने कई शासकीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में शुक्रवार को उन्होंने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर और समय पर उपचार मिलना सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल व्यवस्था तथा गर्मी के मौसम को देखते हुए कूलर और पंखों की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC), टीबी सेंटर, आईसीयू और विभिन्न वार्डों का भी निरीक्षण किया।
डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी
जिला चिकित्सालय लंबे समय से चिकित्सकों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में स्वीकृत 37 स्पेशलिस्ट पदों में से 24 पद रिक्त हैं, जबकि रेडियोलॉजिस्ट के 2 पद भी खाली पड़े हैं। इसके अलावा अन्य स्टाफ की स्थिति भी चिंताजनक है। वार्ड बॉय के 66 पदों में से मात्र 12 ही कार्यरत हैं, जिससे वार्डों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. खरे ने कलेक्टर को अवगत कराया। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि इस समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा और जल्द ही चिकित्सकों की पदस्थापना सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
जर्जर भवन भी बना परेशानी का कारण
जिला अस्पताल का भवन भी काफी पुराना और जर्जर हो चुका है, जिससे आए दिन समस्याएं उत्पन्न होती रहती हैं। कभी छत का हिस्सा गिरने तो कभी फॉल्स सीलिंग टूटने की घटनाएं सामने आती हैं, जिनसे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारिश के मौसम में भवन में पानी टपकने की समस्या भी गंभीर है।
इस समस्या को भी सिविल सर्जन द्वारा कलेक्टर के संज्ञान में लाया गया। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि भवन संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कुल मिलाकर, नवागत कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जगी है।
