अकौरी में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने देखा प्राकृतिक खेती का कमाल, खुद बोए बीज अब बने प्रेरणा का उदाहरण

IMG 20260404 WA0023 scaled News E 7 Live

अकौरी में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने देखा प्राकृतिक खेती का कमाल, खुद बोए बीज अब बने प्रेरणा का उदाहरण

एमपी के सीधी जिले के अकौरी गांव में शनिवार सुबह एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब सांसद डॉ. राजेश मिश्रा अपने खेत पहुंचे और वहां हो रही प्राकृतिक खेती का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से जैविक गेहूं की फसल का बारीकी से अवलोकन किया और खेती की विभिन्न पारंपरिक एवं प्राकृतिक विधियों की जानकारी ली।

वही निरीक्षण के दौरान सांसद ने खेत में खड़ी फसल को देखकर संतोष व्यक्त किया और किसानों से संवाद करते हुए उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह वही खेत है, जहां बुवाई के समय उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर बीज बोए थे। आज वही फसल तैयार होकर एक सफल प्रयोग का उदाहरण बन चुकी है।

सीधी सांसद डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरता को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि यह किसानों की लागत को भी कम करती है और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने यह भी कहा कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम कर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और शुद्ध उत्पादन के माध्यम से बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।

वही “प्राकृतिक खेती सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि आने वाले समय की आवश्यकता है। जब किसान अपनी मिट्टी की ताकत को पहचानकर बिना रासायनिक खाद के खेती करेंगे, तब न केवल उनकी लागत घटेगी, बल्कि स्वास्थ्यवर्धक अन्न भी समाज को मिलेगा। अकौरी का यह खेत इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि इच्छाशक्ति और सही पद्धति से खेती में बड़ा बदलाव संभव है।”

जहा उन्होंने यह भी खुशी जताई कि क्षेत्र के कई किसान अब पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर लौट रहे हैं, जो कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। इस मौके पर स्थानीय किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और सांसद के प्रयासों की सराहना की।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button