खबर प्रकाशन के बाद भी जांच कार्यवाही ठंडे बस्ते में,तीसरी संतान पैदा करने वाले अपात्र शिक्षक भी दे रहे सेवा

IMG 20260312 WA0037 News E 7 Live

खबर प्रकाशन के बाद भी जांच कार्यवाही ठंडे बस्ते में

तीसरी संतान पैदा करने वाले अपात्र शिक्षक भी दे रहे सेवा

संजय सिंह मझौली

एक तरफ जहां कई विभाग में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा जनसंख्या नीत 2000 एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 10 मार्च 2000 को संशोधन किए गए मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10(9) के शर्तों का उल्लंघन करने पर सेवा समाप्त कर दी गई है।वहीं जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत कई शिक्षक उपरोक्त शर्तों को उल्लंघन कर 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान पैदा कर चुके हैं जिसको लेकर एक पखवाड़े पूर्व कई समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित की गई थी बावजूद इसके जांच कार्यवाही ठंडे बस्ते में पड़ी है और सेवा से अपात्र होने पर भी ऐसे शिक्षक सेवा में बने हुए हैं।

जिस कारण जिला शिक्षा अधिकारी की कार्य प्रणाली भी सवालों के घेरे में मानी जा रही है।क्योंकि ऐसे मामलों को स्वतःसंज्ञान लेकर कार्यवाही प्रस्तावित किया जाना चाहिए लेकिन जब समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित हुई और मामला सार्वजनिक हो गया फिर भी जांच कार्यवाही में हीला हवाली करने पर सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है।

सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा विकासखंड मझौली अंतर्गत पदस्थ शिक्षकों के संबंध में उस समय जानकारी मंगाई गई थी जब मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय में तत्कालीन विधायक संजय शाह मकड़ाई द्वारा 10 दिसंबर 2019 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 559 के तहत सामान्य प्रशासन मंत्री के समक्ष सवाल उठाया था कि जिन शासकीय सेवकों ने जीवित तीन संतानों में तीसरे बच्चे की जानकारी छुपा रखी है।

वह जानकारी ऐसे शासकीय सेवक की जानकारी प्राप्त कर उनको सेवा से कब तक अपात्र कर दिया जाएगा तथा ऐसे शासकीय सेवकों की कुल संख्या बताएं? इस प्रश्न के बाद पूरे मध्य प्रदेश में प्रत्येक विभाग से जानकारी एकत्रित की गई थी उसी के तहत विकासखंड मझौली से भी जानकारी एकत्रित की गई थी लेकिन फिर उसे मामले में लंबी सौदेबाजी के बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

उदाहरण के तौर पर दिनेश कुमार गुप्ता प्राथमिक शिक्षक यूनिक आईडी BC 2283 नियुक्ति दिनांक 01.07.1997 एवं तीसरे बच्चे का जन्म 07. 10. 2011 संस्था यू ई जी एस हरिजन बस्ती बोदारी जिसे उन्नयन कर वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला हरिजन बस्ती बोदारी किया गया है।

इन पर हो चुकी है कार्यवाही

26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संस्थान पैदा करने के आरोप में जिला छिंदवाड़ा के विकासखंड हर्रई के कन्या प्राथमिक शाला हर्रई में पदस्थ सहायक अध्यापक पुरुषोत्तम डेहरिया की सेवा समाप्त की जा चुकी है।इसी तरह कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला सतना के पत्र क्रमांक 423 आदेश दिनांक 6 मार्च 2025 के तहत प्राथमिक शिक्षक नसीर खान वर्तमान पदस्थापना शासकीय प्राथमिक शाला करइया संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नादन विकासखंड मैहर की तीसरी संतान पैदा करने के कारण सेवा समाप्त कर दी गई है।

इनका कहना

मामले को लेकर खबर प्रकाशन के बाद संज्ञान लिया गया है और जांच के लिए कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। मैं अभी रीवा में हूं कल ऑफिस में आकर दिखवाता हूं।

पवन कुमार सिंह जिला शिक्षा अधिकारी सीधी

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button