खबर प्रशासन के बाद डीपीसी ने की जांच कार्यवाही,लापरवाह प्रधानाध्यापक के खिलाफ की बड़ी कार्यवाही


खबर प्रशासन के बाद डीपीसी ने की जांच कार्यवाही
लापरवाह प्रधानाध्यापक के खिलाफ की बड़ी कार्यवाही
संजय सिंह मझौली
जनपद शिक्षा केंद्र मझौली अंतर्गत जन शिक्षा केंद्र कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझौली के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पोंड़ी में प्रधानाध्यापक के लापरवाही को लेकर 8 अप्रैल बुधवार को खबर प्रकाशित की गई थी जिसे गंभीरता से लेते हुए डीपीसी विनय मिश्रा ने जांच कार्यवाही करते हुए लापरवाह प्रधानाध्यापक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
बताते चलें कि स्थानीय अविभावक एवं शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राम सजीवन यादव द्वारा आरोप लगाया गया था कि विद्यालय में पदस्थ प्रधानाध्यापक शिवप्रकाश बैगा विद्यालय से नदारत रहते हैं व जब कभी रहते भी हैं तो नशे की हालत मे ।कोई भी शौंचालय उपयोग में नहीं हैं बच्चे जंगली नाले में शौंच के लिए जाते हैं जहां कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।शैक्षणिक स्तर काफी कमजोर है।बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है।
जैसे ही खबर का प्रकाशन हुआ तो उसे गंभीरता से लेते हुए उसी दिन डीपीसी विनय मिश्रा संबंधित विद्यालय जांच करने पहुंच गए जहां प्रकाशित खबर को अक्षरशः सत्य पाया तब उन्होंने प्रधानाध्यापक शिवप्रकाश बैगा को तत्काल प्रभार से पृथक कर शाला में पदस्थ अन्य शिक्षक को प्रधानाध्यापक का प्रभार दिए जाने का आदेश जारी करते हुए सभी भुगतान पत्रक,बिल वाउचर सहित सभी बिंदुओं की जांच कर तीन दिन के अंदर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए जन शिक्षक संतोष कुमार कचेर एवं बीआरसीसी अयोध्या प्रसाद पटेल को निर्देशित किया गया। साथ ही नाराजगी जाहिर करते हुए कहा गया कि इतना लापरवाही होने के बाद भी आप लोगों के द्वारा ठोस कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन क्यों नहीं दिया गया।
मौके पर ही संचालित कराया शौचालय व्यवस्था
डीपीसी मिश्रा के द्वारा मौके पर जांच में पाया गया कि विद्यालय में कुल 10 शौचालय निर्मित हैं लेकिन कोई भी उपयोगी नहीं है तब उन्होंने मौके पर मजदूर एवं मिस्त्री को बुलवाकर एक घण्टे के अन्दर शौचालय चालू हालत में करवाया और निर्देशित किया कि विद्यालय की खिड़की,गेट एवं अन्य शौचालय को तीन दिन के अंदर मरम्मत करा कर फोटो उनके व्हाट्सएप में भेजें।
विद्यार्थी अनुपस्थित एवं मध्यान्ह भोजन को लेकर दी चेतावनी
विद्यालय में शिक्षक तो पाए गए लेकिन एक भी विद्यार्थी नहीं मिले वहीं मध्यान्ह भोजन में मनमानी व लापरवाही पर कड़ी चेतावनी दी गई और कहा गया कि नियम के अनुसार भोजन बनना चाहिए और बच्चों की उपस्थिति भी अनिवार्य है अन्यथा शाला प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
इनका कहना
समाचार के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है और जांच में प्रकाशित खबर सत्य पाई गई है जिस पर प्रधानाध्यापक को तत्काल पदभार से पृथक कर दिया गया है और सभी बिंदुओं की जांच के लिए निर्देश जारी किया गया है।शासन के गाइडलाइन के अनुसार विद्यालय का संचालन हो एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रत्येक विद्यालय में मिले यह हमारी प्राथमिकता है लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी अगर जरूरत पड़ेगी तो इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विनय मिश्रा डीपीसी जिला सीधी
