न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं खुला आम रास्ता,जाने क्या है मामला


न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं खुला आम रास्ता
आवेदक ने आदेश क्रियान्वयन एवं अनावेदक स्थगन हेतु दिया आवेदन
संजय सिंह मझौली
तहसील क्षेत्र मझौली अंतर्गत ग्राम चमराडोल के एक मोहल्ला में सैकड़ो वर्ष पुराना आम रास्ता को झटका तार से अवरुद्ध कर दिया गया था जिससे प्रभावित होकर उक्त मोहल्ला के निवासी रामाश्रय नापित पिता राम लखन नापित एवं अन्य के द्वारा न्यायालय तहसीलदार मझौली के समक्ष आवेदन दिया था जिसे स्वीकार करते हुए पटवारी से स्थल प्रतिवेदन मंगाया गया एवं प्रकरण पंजीबद्ध कर सुनवाई की गई।
जिसमें पटवारी पंचनामा प्रतिवेदन के आधार पर तहसीलदार मझौली के द्वारा 6 मार्च 2026 को आदेश पारित किया गया है जिसमें कहा गया है कि मुताबिक पटवारी प्रतिवेदन आवेदित आरजी में प्रचलित रास्ता पर तार से बनी वाड़ी वाले भू–भाग को छोड़कर शेष भाग में अनावेदकगण वाड़ी का निर्माण करें।एवं प्रचलित रास्ता में यथा स्थिति बनाए रखें। हल्का पटवारी मौके से जाकर पूर्व से प्रचलित रास्ता चालू करवाएं।
आदेश के बाद हल्का पटवारी को आदेश के प्रति आवेदक द्वारा दी गई। लेकिन आदेश के 12 दिन बाद भी उसका क्रियान्वयन नहीं हुआ तब आवेदक रामाश्रय नापित के द्वारा 16 मार्च 2026 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मझौली के समक्ष आवेदन पेश कर तहसीलदार के आदेश का तत्काल क्रियान्वयन की मांग किया है वही अनावेदक राम सिंह पिता विश्वनाथ सिंह निवासी चमराडोल के द्वारा न्यायालय तहसीलदार के समक्ष आवेदन पेश कर पारित किए गए आदेश के क्रियान्वयन में अपील अवधि तक स्थगन किए जाने मांग की है।
इनका कहना
वर्षों पुराना रास्ता अवरुद्ध किए जाने के कारण मेरे द्वारा शिकायत की गई थी एवं तहसील न्यायालय से आदेश जारी किया गया है लेकिन क्रियान्वयन ना होने से रास्ता आज भी अवरुद्ध है शीघ्र रास्ता खोलने की मांग करता हूं।
राम रामाश्रय नापित आवेदक
रास्ता खुलवाने के लिए पुलिस बल चाहिए जिसकी मांग तहसीलदार से की गई है।जल्द ही रास्ता खुलवाया जाएगा।
अखिलेश पनिका हल्का पटवारी चमराडोल
प्रकरण मेरे संज्ञान में है रास्ता खोलने के लिए आदेश किया गया है जिसका क्रियान्वयन हल्का पटवारी को करना है। पटवारी के मांग पर पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा।
दिलीप सिंह तहसीलदार
