10 साल से अधूरा छात्रावास बना खतरे का ठिकाना,टूटी छत, फटी दीवारें और बिखरा निर्माण, छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

10 साल से अधूरा छात्रावास बना खतरे का ठिकाना,टूटी छत, फटी दीवारें और बिखरा निर्माण, छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, निरीक्षण में उजागर हुई गंभीर खामियां,जांच और कार्रवाई की उठी मांग

एमपी के सीधी शहर के शासकीय कन्या महाविद्यालय में पिछले लगभग एक दशक से अधूरा पड़ा छात्रावास भवन अब सुविधा का नहीं, बल्कि संभावित हादसे का प्रतीक बन गया है। जर्जर ढांचे, क्षतिग्रस्त छत और दरारों से भरी दीवारों ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। वही ताज़ा निरीक्षण में भवन की हालत चिंताजनक पाई गई, जिससे निर्माण गुणवत्ता और जिम्मेदारियों पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

जहा निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर छत टूटती हुई दिखाई दी, दीवारों में गहरी दरारें नजर आईं और प्लास्टर उखड़ा मिला। परिसर में निर्माण सामग्री अव्यवस्थित ढंग से बिखरी पड़ी है, जबकि कुछ हिस्सों में ढांचा लगभग ध्वस्त अवस्था में है। यह स्थिति न केवल भवन की मजबूती पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि छात्राओं के लिए जोखिम की आशंका भी बढ़ाती है।

वही इस मौके पर मौजूद विक्रांत सिंह परिहार ने भवन की दुर्दशा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक निर्माण का अधूरा रहना और मौजूदा स्थिति गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करती है। उन्होंने मांग की कि पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि गुणवत्ता संबंधी कमियों और संभावित अनियमितताओं की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। साथ ही, दोष तय होने पर संबंधित जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

जहा महाविद्यालय प्रशासन ने भी छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए स्पष्ट रुख अपनाया है। प्राचार्य ओ पी नामदेव ने कहा कि जब तक भवन तकनीकी मानकों के अनुरूप सुरक्षित सिद्ध नहीं होता, तब तक इसे हैंडओवर के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित एजेंसी/विभाग से तत्काल सुधार कार्य और गुणवत्ता परीक्षण कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

वही स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा अब चर्चा का विषय बन चुका है। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच भवन की स्थिति को लेकर चिंता व्याप्त है। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग कब तक आवश्यक सुधार और जांच की प्रक्रिया पूरी कर सुरक्षित एवं उपयोगी छात्रावास उपलब्ध कराता है।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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