6 साल के बेटे ने दी मां को मुखाग्नि, गांव के लोगों ने निभाया फर्ज, प्रयागराज में हुआ पूरा क्रियाकर्म


6 साल के बेटे ने दी मां को मुखाग्नि, गांव के लोगों ने निभाया फर्ज, प्रयागराज में हुआ पूरा क्रियाकर्म
अमित श्रीवास्तव, कुसमी
सीधी जिले के मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत भदौरा गांव से सामने आया मार्मिक मामला अब और भी संवेदनशील हो गया है। आर्थिक तंगी और विपरीत परिस्थितियों से जूझ रही गायत्री गुप्ता (30) की मौत के बाद जहां 6 साल के मासूम बेटे ने अपनी मां को मुखाग्नि दी, वहीं अब गांव के लोगों ने आगे बढ़कर पूरे परिवार का सहारा बनने की मिसाल पेश की है।
वही जानकारी के अनुसार, मृतका के पति लखन गुप्ता किसी प्रकरण में जेल में बंद हैं। उन पर धारा 439 के तहत मामला दर्ज होने के कारण उनकी जमानत भी खारिज हो चुकी है। ऐसे में पत्नी की मौत के बाद वे अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके।
अब गायत्री गुप्ता की मौत 6 अप्रैल को हुई थी। पति के जेल में होने और घर में कोई बड़ा सहारा न होने के कारण गांव के लोगों ने अंतिम संस्कार कराया, जिसमें 6 वर्षीय बेटे ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। यह दृश्य पूरे क्षेत्र को भावुक कर गया।
जहा इसके बाद सरपंच पुत्र रमेश पनाड़ियां, के.के. सिंह, अयोध्या प्रसाद गुप्ता और सरस्वती गुप्ता ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अनाथ हुए बच्चों को अपने साथ प्रयागराज ले जाकर पूरे विधि-विधान से क्रियाकर्म सम्पन्न कराया।
वही ग्रामीणों का कहना है कि परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था और पति के जेल जाने के बाद हालात और बिगड़ गए। अब बच्चों के सामने जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
जहा इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित बच्चों को तत्काल आर्थिक सहायता, शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी दी जाए।
वही अब देखना होगा कि प्रशासन इस हृदयविदारक मामले में कितनी संवेदनशीलता दिखाते हुए क्या कदम उठाता है।
