जीवाजी यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में माली ने की खुदकुशी, मरने से पहले बोला-मुझे बचाना नहीं

जीवाजी यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में माली ने की खुदकुशी, मरने से पहले बोला-मुझे बचाना नहीं

ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय में एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली. गौर करने वाली बात यह है कि कर्मचारी ने यह आत्मघाती कदम ग्वालियर की सेंट्रल लाइब्रेरी की छत पर उठाया. बताया जा रहा है कि बुजुर्ग कर्मचारी अपना तबादला होने से परेशान था. जब कर्मचारी को घायल हालत में देखा तो छात्रों और कुछ लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

3 हफ्ते पहले एक विभाग से दूसरे में हुआ था ट्रांसफर

असल में ग्वालियर के थाटीपुर का रहने वाला बुजुर्ग अंगद जाटव जीवाजी विश्वविद्यालय में माली के पद पर पदस्थ था. ऐसा आरोप है कि करीब 19 दिन पहले उसका ट्रांसफर जीवाजी विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर से भाषा अध्ययन विभाग में कर दिया गया था, लेकिन तबादले के बावजूद नए विभाग द्वारा उसे जॉइनिंग नहीं दी जा रही थी. जिसके चलते आर्थिक संकट से जूझ रहा माली अंगद तनाव में आ गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इसी वजह से उसने ऐसा कदम उठाया.

यूनिवर्सिटी पहुचंकर दर्ज कराई उपस्थिति, फिर शाम को खुदकुशी

बताया जा रहा है कि, मंगलवार को वह जीवाजी यूनिवर्सिटी में हर दिन की तरह पहुंचा. रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. जिसके बारे में उसने अपनी पत्नी को भी फोन पर जानकारी दी. शाम करीब 7 बजे वह सेंट्रल लाइब्रेरी की छत पर पहुंचा और वहां आत्महत्या कर ली.

अस्पताल ले जुड़े लोगों से बोला-मत बचाओ

जब बुजुर्ग माली आत्मघाती कदम उठाया तो उस वक्त मौजूद कुछ छात्रों और कुछ लोगों ने उसे देख लिया. तो तुरंत उसे घायल अवस्था में अस्पताल लेकर भागे. यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के भाई लक्ष्य ने बताया कि, “जब माली को अस्पताल ले जा रहे थे, तो वह कहता रहा कि, उसे मरना है, इलाज मत कराओ, तबादले को महीना भर होने को है फिर भी जॉइनिंग नहीं दी, मर जाने दो.”

इलाज के दौरान तोड़ा दम

घायल माली को ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. जहां रात में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर अस्पताल पहुंची यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने माली की मौत के बाद शव पोस्टमार्टम के किए भिजवाया. साथ ही मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि अब तक मृतक के परिवार से कोई आरोप सामने नहीं आए हैं.

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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