पंचायत में विकास नहीं, घोटाले की सड़क! 6 लाख की पीसीसी मरम्मत कागजों में गुम

पांचवें-पन्द्रहवें वित्त की राशि पर सरपंच-सचिव की नजर, जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में

सिहावल जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाक़ी में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल सामने आने की चर्चा तेज हो गई है।

यहां बनी पीसीसी सड़क मरम्मत के लिए पांचवें एवं पन्द्रहवें वित्त आयोग की मद से 6 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन ज़मीनी हकीकत कागज़ों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

अब ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई, जबकि मौके पर सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़क उखड़ी हुई है और कहीं भी नए निर्माण या ठोस मरम्मत के स्पष्ट प्रमाण दिखाई नहीं दे रहे हैं।

इस मामले मे स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर संबंधित कार्यों की तकनीकी जांच और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाए तो पीसीसी सड़क मरम्मत के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है।

ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की मिलीभगत से शासकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वहीं इस पूरे मामले में जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

अब ग्रामीणों का कहना है कि बिना सही जांच और सत्यापन के इतनी बड़ी राशि का भुगतान कैसे कर दिया गया। इससे जनपद स्तर की निगरानी व्यवस्था भी संदेह के घेरे में आ गई है।

वही ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर विकास के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके।

 

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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