बांधवगढ़ में मौत का सिलसिला जारी,बाघ के बाद तेंदुआ भी बना हादसे का शिकार

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बांधवगढ़ में मौत का सिलसिला जारी,बाघ के बाद तेंदुआ भी बना हादसे का शिकार

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर वन्यजीवों की लगातार हो रही मौतों को लेकर चर्चा में है। बीते दिन बाघ की मौत से मचा हड़कंप अभी थमा भी नहीं था कि पनपथा बफर क्षेत्र से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आ गई। यहां एक करीब 4 साल का नर तेंदुआ कुएं में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गहरे कुएं में गिरे तेंदुए को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब तक उसे निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर की मदद से हर पहलू की जांच की गई, ताकि यह साफ हो सके कि मामला महज हादसा है या इसके पीछे कोई और कारण।

शव परीक्षण के लिए वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। जांच में यह पुष्टि हुई कि तेंदुए की मौत कुएं में डूबने से हुई है। सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

लगातार दो दिनों में दो बड़े वन्यजीवों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों सुरक्षित माने जाने वाले इस टाइगर रिजर्व में वन्यजीव बार-बार हादसों का शिकार हो रहे हैं? क्या खुले कुएं और असुरक्षित क्षेत्र इन मौतों की बड़ी वजह बन रहे हैं?

स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों में इस घटना के बाद नाराजगी और चिंता दोनों देखी जा रही है। उनका मानना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे भी जारी रह सकते हैं। अब देखना होगा कि वन विभाग इन घटनाओं से क्या सबक लेता है और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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