मध्य प्रदेश के 7 हजार से ज्यादा स्कूल 1 टीचर के भरोसे, 59 फीसदी में ही पहुंचा कम्प्यूटर 55 फीसदी स्कूल इंटरनेट से कनेक्ट नहीं


मध्य प्रदेश के 7 हजार से ज्यादा स्कूल 1 टीचर के भरोसे, 59 फीसदी में ही पहुंचा कम्प्यूटर 55 फीसदी स्कूल इंटरनेट से कनेक्ट नहीं, केन्द्र के आंकड़ों से सामने आई तस्वीर
भोपाल: कम्प्यूटर की दुनिया तेजी से बदल रही है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए सभी क्षेत्रों को जोड़ने की कवायद की जा रही है. इसके साथ ही सभी युवाओं और बच्चों को भी इससे रूबरू कराया जा रहा है. मध्य प्रदेश के 59.2 फीसदी ही स्कूलों में कम्प्यूटर पहुंच पाया है, जिन स्कूलों में कम्प्यूटर है, वे 55 फीसदी स्कूल इंटरनेट से ही कनेक्ट नहीं हो पाए हैं. इस मामले में प्रदेश के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के मध्य प्रदेश से बेहतर स्थिति है.मध्य प्रदेश सरकार देश भर के सरकारी स्कूलों से जुड़ी यह जानकारी संसद में केन्द्र सरकार ने रखी है. जानकारी में सामने आया है कि एमपी के 7217 स्कूल सिर्फ एक टीचर के भरोसे चल रहे हैं.
स्कूलों की संख्या मामले में एमपी दूसरे नंबर पर
मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा स्कूल हैं. मध्य प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट मिलकर कुल स्कूलों की संख्या 1 लाख 22 हजार 120 है. इनमें सरकारी स्कूलों की संख्या करीबन 90 हजार है. लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केन्द्र सरकार ने प्रदेश भर के स्कूलों की जानकारी साझा की है. जानकारी से सामने आया है कि मध्य प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को मिलाने के बाद बाद भी 72 हजार 323 स्कूलों में ही कम्प्यूटर पहुंच पाया है.
यानी 59.2 फीसदी स्कूलों में ही अब तक कम्प्यूटर पहुंच पाया है. जबकि इंटरनेट से 55 हजार 865 स्कूल यानी 45.7 फीसदी स्कूल ही जुड़ पाए हैं. जबकि सबसे ज्यादा स्कूल वाले राज्य उत्तर प्रदेश की इससे बेहतर स्थिति है. जबकि उत्तर प्रदेश में कुल 2 लाख 62 हजार 358 स्कूल हैं. उत्तर प्रदेश के 60 फीसदी यानी 1 लाख 57 हजार 798 स्कूलों में कम्प्यूटर की पहुंच है. पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में 62.7 फीसदी स्कूलों में कम्प्यूटर मौजूद है.
प्रदेश में 7217 स्कूल एक टीचर के भरोसे
उधर टीचर्स की संख्या के मामले में भी मध्य प्रदेश के स्कूलों की स्थिति चिंता में डालने वाली है. महाराष्ट्र के सांसद सुनील दत्तात्रेय के सवाल के जवाब में सरकार द्वारा दी गई जानकारी में सामने आया है कि प्रदेश के 7217 स्कूल में सिंगल टीचर हैं. ऐसे स्कूलों में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 2 लाख 29 हजार है. यानी इतनी बड़ी संख्या में बच्चे सिर्फ एक टीचर के भरोसे हैं. उत्तर प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या 9508, महाराष्ट्र में 8152 स्कूल, गुजरात में 2936, राजस्थान में 6117 और छत्तीसगढ़ में 5973 स्कूलों में सिर्फ एक ही टीचर हैं. इस तरह के मामले में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में पांचवे स्थान पर है.
