शाही का आतंक,220 केवी विद्युत स्टेशन में घुसे जंगली साही, केबल काटकर कई गांवों की बिजली सप्लाई ठप

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शाही का आतंक,220 केवी विद्युत स्टेशन में घुसे जंगली साही, केबल काटकर कई गांवों की बिजली सप्लाई ठप

एमपी के सीधी जिले के ग्राम सुकवारी स्थित 220 केवी विद्युत स्टेशन इन दिनों एक अनोखी लेकिन गंभीर समस्या से जूझ रहा है। यहां बीते करीब 10 दिनों से एक नर और मादा जंगली साही (शाही) ने डेरा जमा लिया था, जिसके चलते पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बार-बार बाधित हो रही थी। इन जंगली जानवरों ने स्टेशन के भीतर घुसकर दर्जनभर से अधिक विद्युत केबलों को अपने तेज दांतों से काट दिया, जिससे कई गांवों की बिजली सप्लाई ठप हो गई।

आज स्थिति तब और गंभीर हो गई जब बिजली विभाग के कर्मचारी मरम्मत के लिए मौके पर पहुंचे। साही ने अपने शरीर के नुकीले कांटों से हमला करने की कोशिश की, जिससे कर्मचारियों को पीछे हटना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक बार सुधार के बाद भी ये साही फिर से केबल काट देते थे, जिससे लगातार परेशानी बनी हुई थी।

आज बुधवार सुबह इस मामले की सूचना वन विभाग के कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही वनपाल पंकज मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों साही को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उन्हें जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया, जिससे अब स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।

जहा वनपाल पंकज मिश्रा ने बताया कि साही आमतौर पर शांत स्वभाव के होते हैं, लेकिन गर्मी के मौसम में पानी और भोजन की तलाश में वे आबादी वाले इलाकों में आ जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि साही अपने शरीर के कांटों से आत्मरक्षा करते हैं, जो खतरनाक हो सकते हैं, इसलिए लोगों को उनसे दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

जहा इस घटना ने न केवल बिजली व्यवस्था की कमजोरी उजागर की है, बल्कि वन्यजीवों और मानव बस्तियों के बढ़ते टकराव की समस्या को भी सामने लाया है।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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