अधर्म का नाश व धर्म की स्थापना हेतु होता है ईश्वर का अवतार–व्यासपीठ

अधर्म का नाश व धर्म की स्थापना हेतु होता है ईश्वर का अवतार–व्यासपीठ

कथा के चौथे दिन भगवान कृष्ण अवतार में आया प्रसंग

संजय सिंह मझौली

जब जब इस धरती पर आसुरी शक्तियां एवं अधर्म का प्रभाव बढ़ा है तब उसे नष्ट करने के लिए ईश्वर विविध रूपों में इस धरती पर आता है और अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करता है उक्त प्रसंग जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुआ नंबर 2 के ग्राम टेंकर में श्यामा जानकी प्रसाद तिवारी द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा पुराण यज्ञ के चौथे दिन भगवान कृष्ण के अवतार का वर्णन करते हुए व्यास पीठ से कथा वाचक रामनारायण प्रसाद पांडे द्वारा बताया गया। आगे कथा में बताया कि जब कंस के अत्याचार और अधर्म से मानव सृष्टि में त्राहि त्राहि मच गई लोग पूजा पाठ यज्ञ हवन करने से डरते थे और कंस स्वयं को भगवान से बढ़कर मान रहा था ऐसे में भगवान कृष्ण ने कारागार में जन्म लेकर अपनी लीला दिखाना शुरू कर दिए।

जहां उनके बाल रूप एवं नटखट स्वभाव का भाव भक्ति से वर्णन किया गया। कथा रूपी ज्ञान गंगा में क्षेत्रीय जन शामिल होकर कथा श्रवण कर रहे हैं।कथा का शुभारंभ 19 फरवरी 2026 को हुआ है एवं पूर्णाहुति 26 फरवरी व व्रतबंध,ब्राह्मण भोजन एवं भंडारा 27 फरवरी 2026 को निर्धारित है।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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