निलंबन के बाद नई शुरुआत,आशय तिवारी ने संभाली कमान, OTS सिस्टम से सहकारी बैंक को NPA से उबारने की तैयारी


निलंबन के बाद नई शुरुआत,आशय तिवारी ने संभाली कमान, OTS सिस्टम से सहकारी बैंक को NPA से उबारने की तैयारी
सीधी जिले के जिला सहकारी बैंक में लंबे समय से चली आ रही वित्तीय चुनौतियों के बीच अब एक नई शुरुआत की उम्मीद जगी है। मंगलवार को आशय तिवारी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री द्वारा तत्कालीन सीईओ पीएस धनवाल को निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद यह पद खाली हो गया था।
अब करीब एक दशक से जिला सहकारी बैंक की स्थिति लगातार खराब बनी हुई थी। बैंक NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) की श्रेणी में आ जाने के कारण यहां लगभग सभी प्रकार के लोन जैसे बैंक लोन, प्रॉपर्टी लोन और पर्सनल लोन बंद हो चुके थे। इससे आम लोगों और किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
वही पदभार ग्रहण करने के बाद आशय तिवारी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता बैंक को जल्द से जल्द NPA की स्थिति से बाहर निकालना है। इसके लिए उन्होंने एक नई रणनीति के तहत OTS (वन टाइम सेटलमेंट) सिस्टम लागू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत ऐसे ऋणधारकों को राहत दी जाएगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पूरा कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं।
OTS सिस्टम के माध्यम से बैंक बकाया राशि को एक निश्चित समझौता राशि में स्वीकार करेगा, जिससे ऋणधारकों को राहत मिलेगी और वे आसानी से अपना कर्ज चुका सकेंगे। अब इससे बैंक की वसूली भी बढ़ेगी और वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा।
वही आशय तिवारी ने यह भी भरोसा दिलाया कि जैसे ही बैंक की स्थिति सुधरेगी, सभी प्रकार के लोन फिर से शुरू किए जाएंगे। इससे क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
