बेटी के जन्म के उत्सव के मौके पर असहाय महिलाओं को वस्त्र वितरण व पौधरोपण कर मनाई अनोखी खुशी


सीधी के ऐंठी मे बेटी के जन्म के उत्सव के मौके पर असहाय महिलाओं को वस्त्र वितरण व पौधरोपण कर मनाई अनोखी खुशी,वितरित किए गए मिठाई
बेटियां भी बेटों की तरह परिवार और समाज का बढ़ाती हैं गौरवः अशोक सिंह,
सीधी। बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाते हुए सीधी जिले के सेमरिया अंचल के ऐंठी में एक परिवार ने अनोखी पहल की है। इस अवसर पर न केवल पौधारोपण किया गया, बल्कि असहाय महिलाओं को वस्त्र वितरित कर समाज को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया गया है।
यह पहल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बढ़ावा देती है। समाज में बेटे-बेटियों को समान सम्मान देने का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह के पुत्र ऐंठी गांव के निवासी एड़वोकेट आशीष सिंह चौहान बहू संजना सिंह चौहान को प्रथम बेटी दक्षायनी सिंह का जन्म के उपरांत बरहौं एवं अन्नप्रासन संस्कार किया जा रहा था उसी मौके पर ऐ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बेटी के जन्म से इस खुशी के अवसर पर परिवार में उत्सव जैसा माहौल बन गया। धार्मिक अनुष्ठान 24 घंटें का अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ संपन्न कराया गया। इतना ही नहीं रिश्तेदारों और आसपास के लोगों में मिठाइयां भी बांटी गईं व भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परिवार ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया व असहाय महिलाओं को वस्त्र वितरित किया गया।
अशोक सिंह ने बताया कि शक्तिपुत्र जी महाराज के चिंतन से प्रेरित होकर बेटी के जन्म को भी उत्सव के रूप में मना रहे हैं। हमारा संगठन भगवती मानव कल्याण संगठन के द्वारा हमेशा से बेटियों को सम्मान और प्रोत्साहन देने की शिक्षा दी जाती है। उसी शिक्षा का अनुसरण करते हुए उन्होंने बेटी के जन्म पर पौधारोपण कर समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि बेटी और बेटे में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
परिवार का कहना है कि बेटियां भी बेटों की तरह ही परिवार और समाज का गौरव बढ़ाती हैं। इसलिए बेटी का जन्म किसी उत्सव से कम नहीं होना चाहिए। इतना ही नहीं अंत में उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्त जीवन जीने के लिए अपील की गई।
