लाड़ली लक्ष्मी योजना में रजिस्टर्ड बेटियां कॉलेज तक क्यों नहीं पहुंच रहीं

लाड़ली लक्ष्मी योजना में रजिस्टर्ड बेटियां कॉलेज तक क्यों नहीं पहुंच रहीं

इंदौर। लाड़ली लक्ष्मी योजना में रजिस्टर्ड बेटियों के कॉलेज तक नहीं पहुंचने के मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर शासकीय अधिवक्ता से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था। गुरुवार को शासकीय अधिवक्ता ने इसके लिए कुछ और समय मांग लिया। इस पर सुनवाई आगे बढ़ गई। मामले में अब दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी।

गौरतलब है कि पिछले दिनों हाई कोर्ट के संज्ञान में यह जानकारी आई थी कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकृत हुई 40 हजार से ज्यादा बच्चियों में से केवल 1477 ही कॉलेज तक पहुंचीं। कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए याचिका दायर की है।कोर्ट ने कहा कि सरकार बच्चियों की स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए योजनाएं बना रही है। जनता के टैक्स का पैसा बच्चियों को आगे बढ़ाने के लिए खर्च किया जा रहा है, इसके बाद भी कॉलेज तक बच्चियों के नहीं पहुंचने की बात सामने आ रही है।

राम मंदिर निर्माण, चंदा संग्रहण को लेकर सांप्रदायिक विवाद पर बहस टली

राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा संग्रहण के दौरान हुए सांप्रदायिक विवादों को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में गुरुवार को अंतिम बहस होनी थी, लेकिन नियमित पीठ नहीं बैठने से टल गई। अब इस मामले में 30 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में बहस होगी।

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका विनीत तिवारी ने एडवोकेट शन्नो शगुफ्ता खान के माध्यम से प्रस्तुत की है। कहा है राम मंदिर के निर्माण के लिए चंदा संग्रहण के दौरान कई जगह विवाद हुए। सांप्रदायिक हिंसा में जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दें।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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