भवन के अभाव से जूझ रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली

भवन के अभाव से जूझ रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली

*बंद हो गया कई योजनाओं का क्रियान्वयन*

*बढ़ती मरीजों की संख्या बन रहा परेशानी का सबब*

*संजय सिंह मझौली*

जिला अंतर्गत संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली इन दिनों भवन के अभाव से जूझ रहा है जिस कारण एक तरफ जहां कई योजनाओं का क्रियान्वयन बंद हो गया है वहीं दूसरी तरफ बढ़ती मरीजों की संख्या से मरीज और अस्पताल के स्टाफ भी परेशान हो रहे हैं।

*वैकल्पिक भवन में संचालित है अस्पताल*

बताते चलें कि चार दशक पूर्व से जहां अस्पताल संचालित रहती थी उसे डिस्मेंटल घोषित कर दिया गया है और वहां नये अस्पताल भवन की निविदा जारी हो गई है लेकिन चार माह पूर्व उस भवन को खाली कर वैकल्पिक भवन जिसमें आजीविका केंद्र संचालित होता था उसमे अस्पताल संचालित करा दिया गया है जिसमें भवन एवं कक्षों की संख्या काफी कम है ऐसे में जब गर्मी के सीजन में मरीजों की संख्या लगभग 150 के औसत से रहती है जो बरसात में सीधे दो से तीन गुना हो सकती है जिस कारण अस्पताल रोग निदान के बजाय रोग संक्रामक केंद्र बन सकता है जिससे बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

*नया भवन का नहीं शुरू हुआ कार्य*

निविदा स्वीकृत होने के 4 माह बाद भी ना तो पुराने भवन को डिस्मेंटल किया जा सका और ना ही कार्य शुरू किया गया है जिससे सोचा जा सकता है कि निर्माण कार्य की रफ्तार क्या होगी। वैसे भी जानकारों की माने तो अगर नियमित रूप से कार्य जारी रहेगा तो भी लगभग 5 वर्ष निर्माण कार्य में लग सकते हैं ऐसे में 5 वर्षों तक जिस वैकल्पिक भवन में अस्पताल संचालित है वह नाकाफी होगा और स्थानीय प्रशासन को अन्य भवन के बारे में विचार करना जरूरी होगा।

*कई योजनाओं का क्रियान्वयन है बंद*

खंड चिकित्सा अधिकारी की माने तो कई योजनाएं भवन के अभाव के चलते क्रियान्वित नहीं हो रही हैं जैसे की एक्सरे सुविधा,गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को अलग-अलग रखने की सुविधा,कुपोषित बच्चों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा। अगर यही आलम रहेगा तो इन सुविधाओं का क्रियान्वयन बंद होने से कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

*30 विस्तरा अस्पताल 15विस्तरा मे सिमटा*

अस्पताल संचालन के समय 30विस्तरा था जिसे मुख्यमंत्री ने 50विस्तरा घोषित किया था लेकिन वर्तमान मे अस्पताल भवन कमी के चलते 15विस्तरा मे सिमट कर रह गया l

*इनका कहना*

आज उल्टी दस्त के तीन मरीज एक साथ आ गए और तीन मरीज एक्सीडेंटल आ गए जबकि पहले से ही मरीज वार्ड में भर्ती थी ऐसे में भवन के अभाव के कारण काफी समस्या हो जाती है वैसे भी बरसात आने वाला है और मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो समस्या जटिल हो जाएगी।

*डॉ राकेश तिवारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली*

यह सही बात है जिस भवन में अस्पताल संचालित है वह भवन छोटा पड़ रहा है जिससे कई योजनाओं का क्रियान्वयन बंद है।बरसात में मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी जिससे और भी परेशानी बढ़ जाएगी।

*डॉ संदीप शुक्ला खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली*

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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