20 शिवसैनिकों से डरी पुलिस! पुतला दहन रोकने 200 पुलिस जवानों की फौज, लोकतांत्रिक विरोध पर पहरा

20 शिवसैनिकों से डरी पुलिस! पुतला दहन रोकने 200 पुलिस जवानों की फौज, लोकतांत्रिक विरोध पर पहरा

सीधी जिले में गुरुवार को उस समय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई, जब महज 20 से 25 शिवसैनिकों के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए लगभग 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर विथिका भवन परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया, जिससे प्रशासन की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।

शिवसेना कार्यकर्ता बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और जनसमस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी पुतला लेकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते में ही पुतला छीन लिया और आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, इसके बावजूद पुलिस का रवैया बेहद सख्त दिखाई दिया।

मौके पर चार थाना प्रभारी, दो एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। इतना ही नहीं, वाटर कैनन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। जिले में आमतौर पर बड़े आयोजनों में भी इतनी सुरक्षा व्यवस्था देखने को नहीं मिलती, लेकिन कुछ दर्जन प्रदर्शनकारियों के लिए प्रशासन ने पूरा अमला झोंक दिया।

शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया। उनका कहना है कि उन्हें कलेक्ट्रेट तक जाने का अधिकार नहीं दिया गया और विथिका भवन के आसपास के सभी रास्तों पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया। प्रदर्शनकारियों को लगभग 20 मीटर के दायरे में सीमित कर दिया गया, जिससे उनका विरोध प्रदर्शन प्रभावी रूप से बाधित हो गया।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन को नागरिकों का संवैधानिक अधिकार माना जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन से प्रशासन इतना भयभीत क्यों दिखाई दिया। जिले में अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या पुलिस का उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना था या फिर विरोध की आवाज को कलेक्ट्रेट तक पहुंचने से रोकना।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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