रैली रोकने की साजिश, महिलाओं से अभद्रता,फिर भड़की हिंसा” रानी वर्मा का आरोप


“रैली रोकने की साजिश, महिलाओं से अभद्रता,फिर भड़की हिंसा” रानी वर्मा का आरोप,‘बोलेरो विवाद’ से अमिलिया में बवाल, थाने तक पहुंचा मामला
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर निकली रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर अब कई नए बयान सामने आए हैं। बहुजन समाज पार्टी की सिहावल विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी रानी वर्मा ने पूरे घटनाक्रम को “सुनियोजित साजिश” बताते हुए मीडिया में आई खबरों को अधूरा बताया है। वहीं, स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने भी घटना को लेकर अलग-अलग पक्ष रखे हैं।
“हमारी रैली को रोकने की साजिश थी, महिलाओं से अभद्रता हुई”रानी वर्मा
“मैं रानी वर्मा, सिहावल विधानसभा से बसपा की पूर्व प्रत्याशी हूं। कल हटवा खास में जो बाइक रैली निकाली गई थी, उसमें जो घटना घटी उसकी सच्चाई कुछ और है, जो मीडिया में नहीं दिखाई गई।
हमारी महिलाएं और पुरुष शांतिपूर्वक रैली लेकर राइस मिल की तरफ जा रहे थे। वहां पहले से ही कुछ लोग लाठी, डंडे और पत्थर लेकर मौजूद थे। यह उनकी साजिश थी कि हमारी रैली को आगे नहीं बढ़ने देंगे।
जब हमारी महिलाएं वहां पहुंचीं, तो उनके साथ गलत इशारे किए गए। हमारे लोगों ने इसका विरोध किया, तो गाली-गलौज शुरू हो गई। यहां तक कहा गया कि ‘अपनी मां-बहन को हमारे पास सुला दो।’
मुझे फोन आया तो मैं मौके पर पहुंची। मैंने दोनों पक्षों से बात करने की कोशिश की, लेकिन मुझे भी गालियां दी गईं और कहा गया कि ‘इसे खत्म कर दो, इसकी राजनीति खत्म हो जाएगी।’
मैं वहां से अमिलिया राइस मिल के पास चंदेल मेडिकल में चली गई। तभी टीआई साहब का फोन आया कि समझौता कर लें और रैली आगे बढ़ा लें। जब मैं उनके पास पहुंची तो कुछ युवक लाठी लेकर आए और मुझे दौड़ा लिया।
अगर टीआई साहब उन्हें नहीं रोकते, तो मुझे गंभीर चोट लग सकती थी। भागने के दौरान मेरे पैर में मोच भी आई।
टीआई साहब ने रूट बदलने को कहा, मैंने सहमति दी। उन्होंने कुछ लड़कों को थाने ले जाकर कहा कि आप शांति से रैली निकाल सकते हैं।
बाद में कुछ लोग थाने पहुंचे और CCTV देखने की मांग करने लगे। तभी अचानक थाने के अंदर से कुछ लोग चाकू और डंडे लेकर निकले और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई।
जो वीडियो सामने आ रहा है, वह सही है, लेकिन पूरी सच्चाई नहीं दिखाई गई। इस पूरे मामले में टीआई साहब की कोई गलती नहीं है।”
“हमारे सामने ही तांडव शुरू हो गया”स्थानीय निवासी दिनेश शुक्ला
“मेरा नाम दिनेश कुमार शुक्ला है। जहां घटना हुई, उसके ठीक बगल में मैं रहता हूं। एक बोलेरो आई और यहां खड़ी हुई। उसमें 8-10 लड़के आए थे और बोलेरो में बैठे युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
जब तक मैं समझ पाता, स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। चारों तरफ पत्थरबाजी शुरू हो गई। लोग किसी की सुन नहीं रहे थे।
इतना तांडव हुआ कि हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोग भागते रहे और मारपीट करते रहे। हमें समझने तक का मौका नहीं मिला कि आखिर हो क्या रहा है।”
“मैं बीमार था, फिर भी घर में घुसकर मारा”पीड़ित रमाकांत शुक्ला
“मैं रमाकांत शुक्ला हूं। मैं घर के अंदर सो रहा था, क्योंकि मैं डायबिटीज का मरीज हूं और नागपुर से इलाज कराकर आया था।
अचानक दरवाजे पर तेज आवाज हुई और बड़े-बड़े पत्थर बरसने लगे। मैंने बाहर आकर पूछा कि क्या कर रहे हो, तो देखा कि दो लोगों को कई लोग मिलकर पीट रहे हैं।
कुछ लोग पत्थर मार रहे थे, कुछ लाठी-डंडों से हमला कर रहे थे। एक पत्थर मेरे हाथ में लगा, ऐसा लगा जैसे निशाना बनाकर मारा गया हो।
मैंने कहा कि मैं बीमार हूं, मुझे क्यों मार रहे हो, लेकिन किसी ने नहीं सुना।
वे लोग घर के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। मुझे, मेरे बेटे और मेरे नाती-नातिन को भी मारा गया।
मेरे घर के बाहर 50-60 पत्थर जमा हो गए थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितनी पत्थरबाजी हुई।”
‘बोलेरो साइड’ विवाद से भड़की हिंसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रैली के दौरान सड़क किनारे खड़ी बोलेरो को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो कुछ ही देर में हिंसा में बदल गया। करीब 400 लोगों की भीड़ ने दो युवकों को घेरकर पीटा और वाहन में तोड़फोड़ कर दी।
दोनों युवक जान बचाकर एक घर में घुसे, लेकिन भीड़ वहां भी पहुंच गई और घर में घुसकर मारपीट व पत्थरबाजी की।
थाने तक पहुंचा मामला, पुलिस पर भी हमला
रैली के बाद मामला थाने तक पहुंच गया, जहां भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ की। थाना परिसर में खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई।
प्रशासन ने 14 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय स्तर पर 20 अतिरिक्त लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है।
कलेक्टर का बयान
“स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। 14 घायलों की पुष्टि हुई है। सभी का इलाज कराया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
एडिशनल एसपी का बयान
“घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। थाने पर हमला गंभीर मामला है, किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।”
कई जिलों की पुलिस तैनात, इलाके में तनाव
स्थिति को देखते हुए रीवा और मऊगंज सहित अन्य जिलों से पुलिस बल बुलाया गया है। करीब 300 से अधिक जवान तैनात हैं।
