युवा” कांग्रेस के आंदोलन में युवाओं का अकाल, बुजुर्गों के सहारे निकला चिमनी मार्च,पुलिस से बहसबाजी ने बढ़ाई किरकिरी

Screenshot 20260602 211149 News E 7 Live

युवा” कांग्रेस के आंदोलन में युवाओं का अकाल, बुजुर्गों के सहारे निकला चिमनी मार्च,पुलिस से बहसबाजी ने बढ़ाई किरकिरी

सीधी शहर में मंगलवार रात बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बिजली व्यवस्था की बदहाली के विरोध में युवा कांग्रेस द्वारा चिमनी आंदोलन आयोजित किया गया। स्थानीय गांधी चौराहे से अधीक्षण यंत्री कार्यालय तक निकाले गए इस पैदल मार्च का उद्देश्य क्षेत्र में हो रही बिजली कटौती, खराब केबलों की समस्या और आम जनता की परेशानियों को उठाना था। हालांकि आंदोलन अपने मूल मुद्दों से ज्यादा कम युवा भागीदारी और पुलिस से हुई बहसबाजी को लेकर चर्चा में रहा।

युवा कांग्रेस के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह दादू मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने हाथों में चिमनी लेकर नारेबाजी की और करीब एक किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए अधीक्षण यंत्री कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अनियमित बिजली कटौती बंद करने, खराब विद्युत केबलों को बदलने तथा आम उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान की मांग की गई।

हालांकि कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक चर्चा इस बात की रही कि जिस आंदोलन को युवा कांग्रेस ने आयोजित किया था, उसमें युवाओं की संख्या बेहद कम दिखाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूरे कार्यक्रम में जहां लगभग 15 से 20 युवा कार्यकर्ता ही नजर आए, वहीं 70 से 80 की संख्या में वृद्ध कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। ऐसे में विरोधियों को यह कहने का मौका मिल गया कि युवा कांग्रेस का आंदोलन युवाओं के बजाय बुजुर्गों और ग्रामीण समर्थकों के सहारे चलता दिखाई दिया।

आंदोलन के दौरान एक और विवाद उस समय खड़ा हो गया जब प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं द्वारा एक स्थान पर चिमनियां एकत्रित कर दी गईं। आगजनी जैसी किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से दूर करने का प्रयास किया। इसी दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क उठे और जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी से तीखी बहस करने लगे। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि बाद में अन्य आंदोलनकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।

रात करीब 8 बजे शुरू हुआ यह आंदोलन 9 बजे तक चला। बिजली संकट, महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में अपेक्षित युवा भागीदारी नहीं दिखने से युवा कांग्रेस की संगठनात्मक क्षमता पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं पुलिस से हुई नोकझोंक ने आंदोलन की गंभीरता को भी कुछ हद तक प्रभावित कर दिया।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button