जय भीम के नारों से गूंजा कुसमी,जगह जगह रैली का दिखा आयोजन

जय भीम के नारों से गूंजा कुसमी,जगह जगह रैली का दिखा आयोजन

अमित श्रीवास्तव 

अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर पूरे भारत में “जय भीम” के नारों से गूंज सुनाई दी, जो बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को समर्पित है। जिले के कुसमी जनपद में भी इस दिन संविधान निर्माता के सम्मान में रैलियों, सभाओं और शोभायात्राओं के माध्यम से समानता और सामाजिक न्याय के संदेश देते भीम आर्मी के लोग दिखे।

जय भीम के नारों की गूंजा कुसमी।

बाबा साहेब की जयंती पर कुसमी मुख्यालय सहित गांव गांव गली-गली “जय भीम” के जयकारे गूंजे।

बाइक रैली और शोभायात्रा: कई स्थानों पर भव्य शोभायात्राएं और बाइक रैलियां निकाली गईं, जिसमें “जय भीम” के नारे लगे।

जनपद अध्यक्ष ने बताया महत्व

कुसमी जनपद की जनपद अध्यक्ष श्यामवती सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रही उन्होंने बताया कि यह नारा दलितों और शोषितों के लिए समानता, आत्मसम्मान और सामाजिक अधिकारों का प्रतीक है।

यह है इतिहास:

कुसमी के डॉक्टर आर.बी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जय भीम का यह नारा 1935 में बाबू हरदास एल.एन. द्वारा लोकप्रिय बनाया गया था, जो आज भी एकता और सशक्तिकरण को दर्शाता है।

डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष पर कार्यक्रम का आयोजन कुसमी के बगीचे में काया गया, जहां उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया गीत संगीत रंगारंग कार्यक्रम के साथ भाषण एवं उनके जीवन परिचय के संबंध में उपस्थित अतिथियों ने जानकारी दी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जनपद अध्यक्ष कुसमी श्यामवती सिहं,सरपंच चेतना सिहं,सुशीला सिंह डा आर बी सिंह मरकाम ,पूर्व बीईओ धर्मपाल सिंह, रेन्जर सुधाकर पनिका,रजनीश पनिका गौरीशंकर बैगा प्रेमलाल बैगा दिनेश सिहं संतलाल साकेत सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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