तख्त बदला, ताज बदला,लेकिन नहीं बदली सिहावल मुख्यालय की तस्वीर

तख्त बदला, ताज बदला,लेकिन नहीं बदली सिहावल मुख्यालय की तस्वीर!

कीचड़, बदहाल सड़कें और पुराने ढर्रे पर चलता प्रशासन, आखिर कब बदलेगी व्यवस्था?

सीधी/सिहावल | रिपोर्ट: राजबहोर केवट | न्यूज़ E7 लाइव

मध्य प्रदेश के सीधी जिले का सिहावल मुख्यालय आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सत्ता बदली, चेहरे बदले, वादे बदले, लेकिन यदि कुछ नहीं बदला तो वह है सिहावल मुख्यालय की जमीनी हकीकत।

बारिश की पहली फुहार पड़ते ही मुख्यालय की सड़कों की पोल खुल जाती है। मुख्य मार्ग पर कीचड़ और जलभराव इस कदर हावी हो जाता है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय नागरिक रोजाना इस परेशानी का सामना करने को मजबूर हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नजर शायद इस ओर नहीं पहुंच पाती।

जनता को उम्मीद थी कि बदलाव के बाद विकास की नई तस्वीर देखने को मिलेगी, लेकिन हालात आज भी पुराने ढर्रे पर ही चलते नजर आ रहे हैं। सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

इतना ही नहीं, जनपद मुख्यालय में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी जिला मुख्यालय से आना-जाना करते हैं।

कार्यालयों में समय पर उपस्थिति और जनता की समस्याओं के निराकरण को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं।

लोगों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही “दोपहर में आओ और शाम होते ही निकल जाओ” वाली परंपरा आज भी कायम है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब मुख्यालय स्तर पर ही जवाबदेही नहीं दिखेगी तो आम जनता को राहत कैसे मिलेगी?

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर सिहावल की तस्वीर कब बदलेगी? क्या जनता को केवल आश्वासनों का सहारा मिलता रहेगा या फिर कभी जमीनी स्तर पर विकास भी दिखाई देगा?

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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