“कलेक्टर मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा” — सरपंच के कथित बयान से मचा बवाल, रात 2 बजे तालाब से मिट्टी खनन, शिकायत के बाद भी नहीं पहुंची 112

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“कलेक्टर मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा” — सरपंच के कथित बयान से मचा बवाल, रात 2 बजे तालाब से मिट्टी खनन, शिकायत के बाद भी नहीं पहुंची 112

सीधी जिले के जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत कड़ियार में तालाब से देर रात मिट्टी खनन और परिवहन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर नियमों को ताक पर रखकर रात 2 बजे जेसीबी मशीनों से तालाब की खुदाई कर मिट्टी का परिवहन कराया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शिकायत के बावजूद 112 इमरजेंसी सेवा मौके पर नहीं पहुंची, जिससे पूरे मामले में संरक्षण और दबाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार देर रात लगभग 5 ट्रैक्टर लगातार तालाब से मिट्टी भरकर ले जाते देखे गए। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के सौंधीकरण कार्य के लिए लगभग 25 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, लेकिन मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा।

मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है जब ग्रामीणों ने पंचायत सरपंच पर कथित तौर पर दबंगई भरे बयान देने का आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच खुलेआम कहते हैं।

“जिसे शिकायत करनी है कर दो… कलेक्टर भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा… मैं ऐसे ही काम करता रहूंगा।”

यह कथित बयान अब गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि इसी प्रभाव और राजनीतिक संरक्षण के कारण शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बचते नजर आते हैं।

ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि यदि कार्य पूरी तरह वैध था तो फिर रात के अंधेरे में मिट्टी खनन और परिवहन क्यों किया जा रहा था? मिट्टी कहां भेजी जा रही थी और किसे बेची जा रही थी? इन सवालों का जवाब अभी तक सामने नहीं आ पाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लाइव वीडियो में देर रात ट्रैक्टरों की आवाजाही दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वहीं लोगों का कहना है कि जिले में नए कलेक्टर के आने के बाद भी व्यवस्थाओं में कोई बड़ा सुधार नजर नहीं आ रहा। प्रशासनिक आदेशों का जमीनी स्तर पर पालन नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि जांच निष्पक्ष होती है या फिर मामला कागजी अनुमति और औपचारिक जांच तक सीमित रह जाएगा।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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