जनसुनवाई के बाद होटल में दावत और गिफ्ट लेने का आरोप, किसान संघ ने कमिश्नर से की शिकायत

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जनसुनवाई के बाद होटल में दावत और गिफ्ट लेने का आरोप, किसान संघ ने कमिश्नर से की शिकायत

उमरिया तपस गुप्ता 

जिले के पाली तहसील के ग्राम पतनारकला में आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय किसान संघ, जिला उमरिया ने शहडोल संभाग की आयुक्त को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए कलेक्टर प्रतिनिधि एवं पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे तथा क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अशोक तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान संघ का कहना है कि जिन अधिकारियों को जनसुनवाई में किसानों और ग्रामीणों की बात सुनकर निष्पक्ष भूमिका निभानी थी, वे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कंपनी के आतिथ्य में शामिल हुए, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में कहा गया है कि 29 मई 2026 को ग्राम पतनारकला, ग्राम पंचायत धुनधुटी में मेसर्स बजरंग पावर कंपनी द्वारा पर्यावरण जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। इस जनसुनवाई में कलेक्टर प्रतिनिधि के रूप में पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे एवं क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अशोक तिवारी उपस्थित रहे और कार्यक्रम की प्रक्रिया का संचालन किया गया।

किसान संघ का आरोप है कि जनसुनवाई समाप्त होने के बाद दोनों अधिकारी कार्यक्रम स्थल से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित शहडोल के एक होटल में आयोजित कंपनी की दावत में शामिल हुए। शिकायत में दावा किया गया है कि अधिकारियों ने वहां भोजन किया तथा कंपनी की ओर से दिए गए पैक गिफ्ट भी स्वीकार किए। किसान संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों से की जा सकती है।

शिकायत पत्र में यह आशंका भी जताई गई है कि मामले के सार्वजनिक होने के बाद होटल के सीसीटीवी फुटेज को हटाने या नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है। इसलिए संघ ने प्रशासन से तत्काल फुटेज सुरक्षित कराने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

भारतीय किसान संघ ने अपने पत्र में कहा है कि यदि जनसुनवाई कराने वाले अधिकारी किसी कंपनी के मेहमान बन जाते हैं, तो उस जनसुनवाई की निष्पक्षता स्वतः संदेह के घेरे में आ जाती है। संघ का कहना है कि ग्रामीणों और किसानों की आपत्तियों तथा सुझावों को निष्पक्ष रूप से दर्ज करने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर थी, उन्हीं पर कंपनी से निकटता के आरोप लगना बेहद गंभीर विषय है।

संघ ने यह भी मांग की है कि क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी अशोक तिवारी और एसडीएम मीनाक्षी बंजारे की अध्यक्षता अथवा निगरानी में आयोजित सभी पूर्व पर्यावरण जनसुनवाइयों की भी समीक्षा कराई जाए। किसान संघ का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, तब तक संबंधित जनसुनवाई की वैधता पर प्रश्नचिह्न बना रहेगा।

शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री, मुख्य सचिव भारत सरकार, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश, मुख्यमंत्री तथा कलेक्टर उमरिया को भी भेजी गई है। किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि वह विकास परियोजनाओं का विरोध नहीं करता, लेकिन किसानों और स्थानीय निवासियों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

फिलहाल शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक और पर्यावरणीय हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शहडोल संभाग आयुक्त और संबंधित उच्च अधिकारी इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं तथा आरोपों की जांच किस प्रकार कराई जाती है।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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