न घर पक्का, न जेब में पैसे पर फिर भी बेटे ने कर दिखाया कमाल, बस से गया कलेक्टर से मिलने टॉपर अभय


गरीबी के मलबे से उठी सफलता की उड़ान,अभय गुप्ता बने प्रदेश के सेकेंड टॉपर
न घर पक्का, न जेब में पैसे पर फिर भी बेटे ने कर दिखाया कमाल, बस से गया कलेक्टर से मिलने टॉपर अभय
कहते हैं ना की हालात अगर कमजोर हों, तो हौसले मजबूत होने चाहिए और इसे सच कर दिखाया है सीधी जिले के होनहार छात्र अभय गुप्ता ने। जहा बेहद गरीबी में पले-बढ़े अभय ने कक्षा दसवीं में पूरे मध्यप्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन कर दिया है।
टॉपर अभय गुप्ता, पिता कैलाश गुप्ता के तीन बच्चों में सबसे छोटे हैं। कैलाश गुप्ता मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पालते हैं। हालात ऐसे हैं कि उनके पास रहने के लिए पक्का मकान तो दूर, ढंग का कच्चा घर भी नहीं है। परिवार एक जर्जर मकान में गुजर-बसर कर रहा है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ तक नहीं मिला है। जिसके लिए वे करीब 5 सालों से प्रयास कर रहे हैं।
अभय के पिता कैलाश गुप्ता बताते हैं, “जब बेटे के टॉप करने की खबर मिली तो खुशी तो बहुत हुई, लेकिन मेरे पास इतने पैसे नहीं थे कि लोगों को मिठाई खिला सकूं, और अपनी खुशी को सबके सामने जाहिर कर सकूं।” हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब लोग बधाई देने पहुंचे, तब घर में आलू छीलकर सब्जी बनाने की तैयारी चल रही थी।
अभय ने अपनी पढ़ाई शासकीय स्कूल से की और सीधी जिले के उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-1 के छात्रावास में रहकर मेहनत की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उसने यह मुकाम हासिल किया। अभय का स्वभाव बेहद शांत है वह लोगो से कम बोलता है और ज्यादातर समय पढ़ाई में ही डूबा रहता है।
अभय के चचेरे भाई नीरज गुप्ता बताते हैं कि अभय को शुरू से ही कंप्यूटर में खास रुचि रही है। “जब भी समय मिलता, वह कंप्यूटर सीखने आ जाता था। आज भी उसने टॉप करने पर उसने सिर्फ हल्की मुस्कान दी और कहा अभी नंबर कम आए हैं भैया।
वहीं अभय के बारे मे स्कूल के प्राचार्य एस.एन. त्रिपाठी ने बताया कि अभय शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है। “हमें अभय से पूरी उम्मीद थी कि वह टॉप रैंक लाएगा, और उसने इसे सच कर दिखाया।”
हालांकि उनकी सफलता के इस सफर में चुनौतियां अब भी खत्म नहीं हुई हैं। जहा आज बुधवार को कलेक्टर से मिलने के लिए भी अभय को बस से जाना पड़ा, क्योंकि परिवार के पास मोटरसाइकिल तक नहीं है। उसके पास मोबाइल फोन भी नहीं है।
