सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक संपन्न

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संवाददाता अनिल शर्मा

एचपीवी वैक्सीनेशन सहित हाई रिस्क महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

सीधी जिले के कुसमी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में दिनांक 22 अप्रैल 2026, दिन बुधवार को प्रातः 9:30 बजे एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. बबीता खरे द्वारा की गई, जबकि संचालन खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. विकेट सिंह ने किया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत संचालित समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।

इस बैठक में सेक्टर सुपरवाइजर, सीएचओ (Community Health Officer), एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife), एमपीडब्ल्यू (Multipurpose Worker), आशा पर्यवेक्षक एवं आशा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की गई थी। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।

बैठक का उद्देश्य और रूपरेखा

बैठक का प्रारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ, जिसमें बीएमओ डॉ. विकेट सिंह ने उपस्थित सभी स्वास्थ्यकर्मियों का अभिनंदन करते हुए बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह बैठक केवल आंकड़ों की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर आ रही समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान निकालना भी है।

सीएमएचओ डॉ. बबीता खरे ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि “स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा

बैठक में निम्नलिखित प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई:

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (UIP)

जननी सुरक्षा योजना (JSY)

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK)

क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP)

परिवार नियोजन कार्यक्रम

आयुष्मान भारत योजना

प्रत्येक कार्यक्रम के अंतर्गत लक्ष्य बनाम उपलब्धि का विश्लेषण किया गया और जहां प्रगति अपेक्षित स्तर से कम पाई गई, वहां संबंधित कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए गए।

एचपीवी वैक्सीनेशन पर विशेष चर्चा

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय रहा एचपीवी (Human Papillomavirus) वैक्सीनेशन, जिसे महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

सीएमएचओ डॉ. बबीता खरे ने बताया कि एचपीवी संक्रमण भारत में महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, जिससे हर वर्ष हजारों महिलाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर टीकाकरण है।

एचपीवी वैक्सीनेशन क्या है❓

एचपीवी वैक्सीन एक सुरक्षित और प्रभावी टीका है, जो 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं को दिया जाता है, जिससे वे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रह सकें। यह टीका दो डोज में दिया जाता है और इसका कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होता।

हाई रिस्क महिलाओं की पहचान और एसपीबी वैक्सीनेशन

बैठक में “हाई रिस्क महिलाओं” की पहचान कर उन्हें विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर जोर दिया गया। इसमें वे महिलाएं शामिल हैं:

जिनका विवाह कम उम्र में हुआ हो

जिनके कई बार प्रसव हो चुके हों

जिनकी व्यक्तिगत स्वच्छता में कमी हो

जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास हो

इन महिलाओं के लिए एसपीबी (Special Preventive Booster) वैक्सीनेशन और नियमित जांच की आवश्यकता बताई गई। बीएमओ डॉ. विकेट सिंह ने निर्देश दिए कि आशा एवं एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर ऐसी महिलाओं की सूची तैयार करें और उन्हें समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं।

जमीनी स्तर की समस्याएं और समाधान

बैठक में कई स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने क्षेत्र में आ रही समस्याओं को साझा किया, जैसे:

दूरस्थ गांवों में परिवहन की कमी

टीकाकरण के प्रति लोगों में जागरूकता का अभाव

कुछ क्षेत्रों में सामाजिक भ्रांतियां

संसाधनों की सीमित उपलब्धता

सीएमएचओ ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि “हर समस्या का समाधान संभव है, यदि हम सामूहिक प्रयास करें।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।

उपस्थिति और अनुशासन पर सख्ती

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी कर्मचारी की अनुपस्थिति बिना पूर्व अनुमति के स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी को समय पर उपस्थित रहने और अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदार रहने के निर्देश दिए गए।

“स्वास्थ्य सेवा एक जिम्मेदारी है, और इसमें लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी,” — डॉ. बबीता खरे

जनजागरूकता अभियान की आवश्यकता

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एचपीवी वैक्सीनेशन और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इसमें स्कूलों, पंचायतों और सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।

आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि वे घर-घर जाकर महिलाओं और बालिकाओं को टीकाकरण के लाभ समझाएं और उन्हें प्रेरित करें।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर जोर

सीएमएचओ ने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए नियमित निरीक्षण, फीडबैक सिस्टम और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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