900 किलोमीटर दूर भटककर मड़वास पहुंची 8 साल की मासूम, पुलिस और ग्रामीण की सतर्कता से आखिरकार माता-पिता से हुआ मिलन

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900 किलोमीटर दूर भटककर मड़वास पहुंची 8 साल की मासूम, पुलिस और ग्रामीण की सतर्कता से आखिरकार माता-पिता से हुआ मिलन

सीधी जिले के मड़वास रेलवे स्टेशन पर भटकी हुई मिली 8 वर्षीय मासूम बच्ची को आखिरकार उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। झारखंड निवासी पूनम नथुनी पिता बबलू नथुनी ट्रेन में चढ़ने के बाद रास्ता भटक गई थी और करीब 900 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 20 मई को मड़वास रेलवे स्टेशन पहुंच गई। स्टेशन पर अकेली और रोती-बिलखती घूम रही बच्ची को देखकर स्थानीय निवासी सीताराम गुप्ता की नजर उस पर पड़ी। बच्ची की हालत देखकर उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी मड़वास थाना पुलिस को दी।

थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और उससे नाम-पता व परिजनों की जानकारी जुटाने का प्रयास शुरू किया। बच्ची द्वारा बताए गए पते के आधार पर झारखंड पुलिस से संपर्क किया गया, जिसके बाद उसके माता-पिता की सही पहचान हो सकी। जब तक परिजनों का पता नहीं चल पाया, तब तक सुरक्षा की दृष्टि से बच्ची के रहने की व्यवस्था सीताराम गुप्ता के घर पर कराई गई, जहां उसने दो दिन सुरक्षित माहौल में बिताए।

पुलिस लगातार बच्ची के परिजनों से संपर्क करने में जुटी रही। आखिरकार शुक्रवार शाम करीब 4 बजे बच्ची के पिता मड़वास पहुंचे, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पूनम को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। बेटी को सुरक्षित देखकर माता-पिता की आंखें भर आईं और उन्होंने मड़वास पुलिस व सीताराम गुप्ता का आभार जताया।

थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि यदि समय रहते बच्ची पर ध्यान नहीं दिया जाता तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। उन्होंने कहा कि पुलिस और स्थानीय नागरिकों की सतर्कता के कारण मासूम बच्ची सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सकी। इस पूरे घटनाक्रम ने इंसानियत और संवेदनशीलता की एक मिसाल पेश की है।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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