गांव के बीच अवैध रेत भंडारण बना चर्चा का विषय

गांव के बीच अवैध रेत भंडारण बना चर्चा का विषय

संजय सिंह मझौली

तहसील क्षेत्र मझौली अंतर्गत ग्राम चमराडोल में गांव के बीच सैकड़ो गाड़ी रेत का भंडारण चर्चा का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों के मुताबिक रेत तस्करों के द्वारा पड़वारी नदी जो गांव की सीमा से बहती है उसी से रात भर रेत निकासी कर गांव के बीचो-बीच भंडारण किया जाता है और वहीं से महंगे दामों में बिक्री भी की जाती है।

*जान जोखिम में डाल रहे ग्रामीण*

चूंकि रेत का उत्खनन परिवहन रात में होता है जिस कारण जिन ग्रामीणों को मजदूर के तौर काम के लिए लगाया जाता है उनके साथ किसी भी समय अप्रिय घटना घटित हो सकती है जिसका एक मामला हाल ही में ग्राम दडौर का सामने आया है जिसमें ट्रैक्टर की ट्राली से दबकर एक युवक की मौत हो गई थी एवं जहरीले कीड़े मकोड़ों का भी डर बना रहता है।

*मुआवजे के लिए बन रहे सैकड़ो घर,बढ़ी रेत की मांग*

ग्रामीणों की माने तो जब से रेल परियोजना के लिए ग्राम चमराडोल,सेमरिहा, दडौर, पांड के सीमा से रेल लाइन स्वीकृत की गई है तब से उपरोक्त ग्रामों में मुआवजा के लिए सैकड़ो की तादाद में नए-नए मकानों का निर्माण हो रहा है जिस कारण रेत की मांग बढ़ गई है उसी के चलते रेत तस्करों का कारोबार तीव्र गति से जारी है।

*इनका कहना*

जानकारी मिली है तो रेत भंडारण की जांच की जाएगी और विधिक कार्यवाही की जाएगी।

*दिलीप सिंह तहसीलदार*

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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