सीमांकन के नाम पर रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे हल्का पटवारी, ग्रामीणों का दावा—”पैसा दो, तभी होगा काम”; एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश

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सीमांकन के नाम पर रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे हल्का पटवारी, ग्रामीणों का दावा—”पैसा दो, तभी होगा काम”; एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश

सीधी जिले की कुसमी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मैडरा में पदस्थ हल्का पटवारी राजकुमार रैदास पर सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे राजस्व कार्यों के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता लाल बहादुर यादव का आरोप है कि सीमांकन कराने के लिए पटवारी द्वारा ₹2,000 से ₹10,000 तक की राशि मांगी जाती है। उनका कहना है कि बिना पैसे दिए न तो सीमांकन होता है और न ही अन्य राजस्व कार्य समय पर किए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर एक ही भूमि का अलग-अलग लोगों के नाम सीमांकन कर विवाद की स्थिति पैदा कर दी जाती है। लाल बहादुर यादव का कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

वहीं ग्रामीण विमल यादव ने आरोप लगाया कि जमीन खरीदने के बाद उनका नामांतरण एक वर्ष तक लंबित रखा गया। उनके अनुसार, ₹4,000 की मांग की गई, जिसमें उन्होंने मजबूरी में ₹2,000 दिए, तब जाकर नामांतरण हुआ। उनका दावा है कि इसके बावजूद उनका अन्य कार्य अब भी लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के 50 से 60 लोग ऐसे हैं जिनके कार्य कथित रूप से पैसे के अभाव में अटके हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में यह धारणा बन गई है कि “पैसा मिलेगा तभी सीमांकन होगा।” उनका आरोप है कि इससे किसानों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है तथा भूमि विवाद भी बढ़ रहे हैं।

हालांकि, इन आरोपों को हल्का पटवारी राजकुमार रैदास ने पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ झूठी शिकायत की जा रही है और उन्होंने कोई अवैध मांग नहीं की है। वे केवल नियमानुसार शासकीय कार्य कर रहे हैं।

इस मामले में एसडीएम कुसमी शैलेश द्विवेदी ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच तहसीलदार को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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