28 जून से शुरू होगा तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान, 1189 बूथों और 29 ट्रांजिट टीमों के माध्यम से होगा संचालन

20250820 191620 News E 7 Live

संवाददाता अनिल शर्मा

कलेक्टर ने दिए निर्देश-एक भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे

जिले में पांच वर्ष तक की आयु के प्रत्येक बच्चे को पोलियो से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 28 जून से 30 जून 2026 तक तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत जिले के लगभग 1 लाख 92 हजार बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं तथा बूथ संचालन से लेकर घर-घर भ्रमण तक का विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया गया है।

सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्षों के सामूहिक प्रयासों से पोलियो मुक्त राष्ट्र का गौरव प्राप्त किया है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक समय पर पोलियो की दो बूंद पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। साथ ही व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित कर अभिभावकों को अपने बच्चों को पोलियो बूथ तक लाने के लिए प्रेरित करने को कहा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने बताया कि अभियान के प्रथम दिवस 28 जून (रविवार) को जिलेभर में 1,189 पोलियो बूथों पर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं अन्य प्रमुख आवागमन स्थलों पर 29 ट्रांजिट टीमें तैनात रहेंगी, ताकि यात्रा के दौरान भी कोई बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। अभियान के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर ऐसे बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो प्रथम दिवस किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए प्रत्येक ग्राम एवं शहरी वार्ड का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है तथा सभी टीमों को आवश्यक दवाएं, वैक्सीन, कोल्ड चेन व्यवस्था एवं अन्य संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि पोलियो एक गंभीर एवं आजीवन दिव्यांगता का कारण बनने वाली बीमारी है, लेकिन समय पर पोलियो की खुराक पिलाकर इससे पूरी तरह बचाव किया जा सकता है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे 28 जून को अपने पांच वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं। यदि किसी कारणवश बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो घर आने वाली स्वास्थ्य टीम का सहयोग करें और बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा अपने आसपास के परिवारों को भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए प्रेरित करें। प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की दो बूंद पहुंचाना ही स्वस्थ एवं पोलियो मुक्त समाज की सबसे बड़ी पहचान है।

‘‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’’ के संदेश के साथ स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अभियान में सहयोग करने और प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया है।

Pragati Pandey

मैं प्रगति पांडे एक फ्रेशर मीडिया जर्नलिस्ट हूं। ट्रैवल बीट पर आर्टिकल्स लिखना मेरी स्पेशलाइजेशन है। इसके अलावा मुझे उन रोचक चीजों के बारे में पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैं मास कम्यूनिकेशन से ग्रैजुएट हूं, लिखने के अलावा मुझे एक्टिंग करना और कविताएं लिखना बेहद पसंद है।

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