झलवार में फिर मौत बनकर आया बाघ, लगातार दूसरी घटना से सहमे ग्रामीण


झलवार में फिर मौत बनकर आया बाघ, लगातार दूसरी घटना से सहमे ग्रामीण
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र से एक बार फिर दुखद खबर सामने आई है। ग्राम झलवार में बाघ के हमले में एक युवक की मौत हो गई। खास बात यह है कि इसी क्षेत्र में एक दिन पहले भी बाघ के हमले में एक महिला की जान चली गई थी। लगातार दूसरी घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल गहरा गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम झलवार निवासी कल्याण सिंह (30 वर्ष) पिता रामकृपाल सिंह की बाघ के हमले में मौत हुई है। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और अक्सर अकेले गांव और जंगल से लगे क्षेत्रों में घूमता रहता था। शुक्रवार को वह गांव के पास जंगल की ओर चला गया, जहां अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले की गंभीरता इतनी थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी गांव में पहुंचते ही लोगों की भीड़ मौके की ओर दौड़ पड़ी, लेकिन बाघ शव के पास ही मौजूद था। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई और कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सूचना मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा क्षेत्र को सुरक्षित करने की कार्रवाई शुरू की गई।
वन विभाग के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाघ को घटना स्थल से हटाना रही। विभागीय अमला लगातार प्रयास कर रहा है ताकि बाघ को जंगल के भीतर भेजा जा सके और उसके बाद शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि 24 घंटे पहले भी झलवार क्षेत्र में महुआ बीनने जंगल गई एक महिला की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। लगातार दो घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि बाघों की गतिविधियां अब गांवों के बेहद करीब तक पहुंच रही हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल या जंगल से लगे क्षेत्रों में अकेले न जाएं और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल सूचना दें।
लगातार दो दिनों में हुई दो मौतों ने झलवार गांव को दहला दिया है। गांव में शोक के साथ-साथ डर का माहौल भी बना हुआ है और लोग अब वन विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर लगाए हुए हैं।
