रिश्वत मांगने और प्रकरण लटकाने वाले पटवारी पर गिरी गाज,एसडीएम विकास कुमार आनंद ने किया निलंबित


रिश्वत मांगने और प्रकरण लटकाने वाले पटवारी पर गिरी गाज: एसडीएम विकास कुमार आनंद ने किया निलंबित, ग्रामीणों की शिकायतों पर हुई बड़ी कार्रवाई
सीधी जिले के रामपुर नैकिन तहसील अंतर्गत खड्डी खुर्द एवं खड्डी कला हल्के में पदस्थ पटवारी बृजेश कुमार प्रजापति पर आखिरकार प्रशासनिक गाज गिर गई। ग्रामीणों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों, लंबित राजस्व प्रकरणों और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के बाद चुरहट एसडीएम विकास कुमार आनंद ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला उस समय सामने आया जब 6 जून को क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने पटवारी के खिलाफ नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन एवं अन्य राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक विलंब करने तथा कार्यों के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत की। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार वृत्त हनुमानगढ़ से जांच प्रतिवेदन तलब किया गया।
जांच में सामने आया कि खड्डी खुर्द के एक बंटवारा प्रकरण में फर्द बंटवारा तैयार करने के लिए एक लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है। वहीं खड्डी कला निवासी एक शिकायतकर्ता ने सीमांकन कराने के लिए 10 हजार रुपये मांगने की शिकायत दर्ज कराई। दोनों मामलों में संबंधित प्रकरण कई महीनों से पटवारी स्तर पर लंबित पाए गए। इसके बाद उसे आज निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा के मार्गदर्शन में एसडीएम चुरहट विकास कुमार आनंद ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच में यह भी पाया गया कि पटवारी के क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन की 18 शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा नामांतरण के 8, सीमांकन के 15, बंटवारे के 7 तथा बेदखली के 8 प्रकरणों में आवश्यक जांच प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि संबंधित पटवारी शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरत रहे थे।
इतना ही नहीं, नायब तहसीलदार द्वारा पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी पटवारी ने प्रस्तुत नहीं किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अनदेखी को भी प्रशासन ने गंभीर अनुशासनहीनता माना।
जांच प्रतिवेदन, क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्राप्त शिकायतों और बढ़ते जन असंतोष को देखते हुए एसडीएम विकास कुमार आनंद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत पटवारी बृजेश कुमार प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
